"बरबीघा चौपाल" के 3 साल
आप लोग ने "बरबीघा चौपाल" नाम सुना होगा और अगर नही सुना तो आज आपको बताते है । "बरबीघा चौपाल" व्हात्सप्प ग्रुप है जिस ग्रुप के माध्यम से जनसरोकार के मुद्दे , समाजिक कार्य , समेत समाज
के भलाई के लिए अनेक कार्य करने के लिये प्रसिद्ध है । बरबीघा चौपाल आज से 3 साल पहले 14 अप्रैल 2014 को अरुण साथी जी के द्वारा बनाया गया उस टाइम इसका कोई उधेश्य नही था बस हंसी मजाक , हंसी ठिठोली । ये ग्रुप स्माइल जी के कहने पर बनाया गया था ताकि ओ दूर रह कर भी बरबीघा से , करीबी दोस्तों से सम्पर्क के साथ बरबीघा के न्यूज़ मिलता रहे । शुरू में इस ग्रुप में लगभग 20-25 लोग शामिल हुए और इस ग्रुप का नाम सिर्फ बरबीघा रखा गया । समय बीतता गया धीरे धीरे ग्रुप के माध्यम से ग्रुप सदस्य एक दूसरे के सुख दुख में साथ के अलावा हंसी मजका शुरू हो गया । देखते ही देखते ये एक परिवार की तरह हो गए । ग्रुप का 3-4 महीना बीत जाने के बाद ग्रुप के नाम पर चर्चा शुरू हुई कि इस ग्रुप का नाम क्या रखा है ? सभी सदस्य के मन में कुछ अलग करने की ललक थी ! सभी अपना अपना सुझाव दिए फिर इसे सब के सहमति के साथ "बरबीघा चौपाल" रखा गया । इसके बाद बरबीघा चौपाल का पागलपंथी शुरू हुआ और सबसे पहले श्री बाबू के प्रतिमा की साफ सफाई के साथ हुई । जहां तक मुझे याद है जब हम लोग प्रतिमा की सफाई के लिए गए थे प्रतिमा धूल से ढका हुआ था , पोस्टर , बैनर से चारो ओर पता हुआ था , आस पास कचड़ों का अंबार लगा हुआ था । लेकिन हमलोग के श्रमदान की वजह से प्रतिमा का सफाई सफल हुआ और निर्णय लिया गया कि यहां पर कोइ भी पोस्टर लागाते पकड़ायेगा उस से जुर्माना वसूला जाएगा । फिर हमलोग का nov 2014 में लिट्टी चोखा का पार्टी । उसके बाद ग्रुप की संख्या में धीरे धीरे इजाफा होने लगा लोग इस से जुड़ना पसंद करने लगे । फिर अस्पताल में धरना हो चाहे खोये हुए बच्चे को मिलाना , स्वेटर वितरण हो चाहे पनशाला चाहे एक से एक ब्रेकिंग न्यूज़ जो सबसे पहले चौपाल पर आता था । होली मिलन समारोह भी कभी धूम धाम से मनाया गया था जिसमे भोजपुरी स्टार गायक गुंजन सिंह पधार कर चार चांद लगा दिए । कोई घटना की सत्यता जांच करनी हो चौपाल तुरन्त जांच कर देता था । चौपाल शुरू से ही जनसरोकार का काम करते आया है तो भी बिना कोई स्वार्थ का । बहुत से लोग इस ग्रुप से जुड़े और निकले भी । पर चौपाल आज भी उन लोगो को याद करेगा जो चौपाल के बैनर तले जनसरोकार में सहभागी बने हो । आज चौपाल ऐसा मुकाम पर है जहाँ पहुँचना बहुत मुश्किल है और चौपाल आज जो भी है इसके प्यारे सदस्यों की वजह से ।
बहुत से लोग चौपाल को राजनीतिक मंच बोलते है अपने फायदे के लिए बनाया गया ग्रुप बोलते है पर मैं उन सभी लोगो को बताना चाहता हूं कि ये गलत है ये सिर्फ और सिर्फ समाजिक ग्रुप है न तो पक्ष और न विपक्ष । अभी फ़िलहाल व्हात्सप्प पर 2 ग्रुप और फेसबुक पर 1 पेज सक्रिय है ! फेसबुक पेज से जुड़ना चाहते है तो यहाँ क्लीक कर बरबीघा चौपाल फेसबुक पेज को लाइक करे ! और अगर पहले से लाइक किये हुए है तो आपका बहुत बहुत आभार !
उम्मीद है ग्रुप ऐसे ही और मुकाम हासिल करता रहे और इसके सदस्य सहयोग करते रहे ।
नीचे कुछ फोटो शेयर कर रहा हूँ ।
धन्यबाद
@पुरुषोत्तम सिंह पुरु।
8409022123
















3 टिप्पणियाँ
Mohammad Ehsan
Thank you